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कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला महासमुन्द राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम

संपादक कुंज कुमार रात्रे महासमुंद राष्ट्रीय अंधत्त्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अतर्गत प्रति वर्ष माह मार्च के द्वितीय सप्ताह में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष विश्व स्तर पर दिनांक 09-15 मार्च 2025 तक विश्व गलूकोमा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष का थीम “ग्लूकोमा मुक्त विश्व के लिए एकजुट होना है।

 

डॉ.पी. कुदेशिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महासमुन्द के निर्देशन में डॉ. अनिल कुमार गोरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी (अंधत्व नियंत्रण) एवं श्रीमती नीलू धृतलहरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन महासमुन्द के मार्गदर्शन में श्री अवधेश कुमार यादव सहायक नोडल अधिकारी अंधत्व नियंत्रण के सहयोग से जनसामान्य को जागरूक करने हेतु स्वास्थ्य केन्द्रो में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारियों द्वारा विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा तथा जन सामन्य को ग्लाकोमा की जानाकरी दी जाएगी।

 

दिनांक 10 मार्च 2025 को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सभागार में ग्लूकोमा रोगियों का पता लगाने एवं पहचान करने और समय रहते उचित उपचार हेतु जिला स्तर पर नेत्र सहायक अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। जिसमें डॉ.पी. कुदेशिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, श्रीमती नीलू धृतलहरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एन.एच.एम. डॉ. राजेश कुमार साहू, विभागाध्यक्ष, नेत्ररोग विभाग मेडिकल कॉलेज, डॉ. मंजूषा चन्द्रसेन, नेत्ररोग विशेषज्ञ, डॉ. अनिल कुमार गोरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी (अंधत्व नियंत्रण), डॉ. नेहा सिंह, नेत्र विशेषज्ञ, डॉ. याशिका ठावरे, डॉ. परिधी तिवारी, श्री अवधेश कुमार यादव, सहायक नोडल अधिकारी (अंधत्व नियंत्रण) एवं महासमुन्द के समस्त नेत्र सहायक अधिकारी, ओ.टी.नर्स एवं इर्न्टन एवं कार्यालयीन स्टॉफ उपस्थित हुए।

 

जिला स्तर / जिला अस्पताल स्तर / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर जन सामान्य को जागरूक करने हेतु बैनर/पाम्पलेट/सोसल मिडिया/सेमीनार / परिचर्चा आदि आयोजन के निर्देश दिये गये है विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के दौरान प्रत्येक नेत्र सहायक अधिकारी को सामु./प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से ग्लूकोमा स्क्रीनिंग करेंगे। ग्लाकोमा के संभावित मरीजों को जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज/एन.जी.ओ. को उपचार हेतु रेफर किया जाएगा। वर्तमान स्थिति में डिजिटल माध्यम, सोसल मिडिया के माध्यम से लोगो में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। तथा ग्लाकोमा की पहचान / उपचार आदि के बारे में बताया जाएगा। ताकि ग्लाकोमा से होने वाली स्थायी दृष्टिहीनता को रोका जा सके।जिला कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम

जिला-महासमुन्द (छ.ग.)

 

 

 

 

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