संपादक कुंज कुमार रात्रे 
महासमुन्द: दिन शनिवार को शासकीय पदुमन सिंह उ मा वि गढ़सिवनी महासमुन्द में बढ़व संगवारी संस्था द्वारा कैरियर मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एस सी ई आर टी रायपुर से सेवा निवृत्त हुए प्रोफेसर एवं प्राचार्य गण की टीम को संस्था की ओर से प्राचार्य तुलेन्द्र सागर ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ को सभी का परिचय कराते हुए विद्यालय में स्वागत कर मंच बढ़व संगवारी के विशेषग्यों को आमंत्रित किया।
सुरुवात रामेश्वरी परगनिहा सामाजिक कार्यकर्ता ने कार्यक्रम की सुरुवात संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन पश्चात संस्था के परिचय में बताया कि बढ़व संगवारी संस्था यह एक स्वपोषित संस्था है जो स्कूलों में कैरियर काउंसलिंग व व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम करती है। बच्चों को मार्गदर्शन कर उनके अभीरूचि के अनुसार उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहन करती है। इसी क्रम में आज शनिवार को ग्राम गढ़सिवनी के शासकीय पदुमन सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित हुए हैं।
कार्यक्रम की सुरुवात सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक एस सी ई आर टी रायपुर से शिव कुमार वर्मा ने साइकोमेट्रिक टेस्ट लेकर किया किया जिसके माध्यम से विद्यार्थियों की रुचि क्षमता और व्यक्तित्व विकास को समझने का प्रयास किया गया। जिसके अनुरूप विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। रामेश्वरी परगनिहा ने पहले छत्तीसगढ़ी में कहानी सुनाई फिर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए तनाव मुक्त रखकर पढ़ाई करने के उपाय सुझाये। एस सी ई आर टी से ही सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक एवं जीवन विद्या से जुड़े हुए डॉ राधेश्याम बघेल ने विद्यार्थियों को स्वयं को समर्थ बनाने की प्रेरणा दी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने का संदेश दिया।एस सी ई आर टी से ही सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक चंद्रभूषण बगरिया जो गढ़सिवनी निवासी भी हैं जिनके दादा जी ने स्कूल भवन बनवाया जिनके नाम पर पदुमन सिंह से स्कूल का नाम है ने बच्चों से आत्मीयता पूर्वक छत्तीसगढ़ी में संवाद करते हुए बच्चों में साहस , आत्मविश्वास और जीवन कौशल विकसित करने पर जिर दिया उन्होंने बताया कि परिस्थियां कैसी भी हो आत्मविश्वास ही कठिनाइयों को आसान बनाता है। सेजेस पटेवा से सेवानिवृत्त प्राचार्य समीर चन्द्र प्रधान ने जौहरी विन्डो के माध्यम से बच्चों को स्वयं को पहचानना सिखाया। इसके माध्यम से बताया कि जब तक विद्यार्थी अपनी वास्तविक ताकत व कमजोरी को नही समझेगें तबतक सही कैरियर के चुनाव कर पाना मुश्किल है। अपनी रुचि और क्षमता का सही संतुलन ही आपको अपनी मंजिल तक पहुचायेगा। जौहरी विन्डो के उदाहरण से ही सेवानिवृत्त प्राचार्य किरण बाला वर्मा ने जीव विज्ञान विषय पर फोकस करते हुए कहा कि हम रिस्क लेकर भी विद्यार्जन कर सकते हैं। थोड़ा रिस्क लें अपने बड़ों से मार्गदर्शन लेकर आगे बढ़ सकते हैं। हिम्मत नही हारना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित विशेषज्ञों के करकमलों से स्कूल के लोगो का विमोचन किया गया । इस लोगो का भावर्थ संक्षिप्त में ग्राम गढ़सिवनी मध्य एक किला अर्थात गढ़ है, महानदी का सानिध्य, हराभरा प्रकृति, उगता सूर्य, तिरंगा वृत्त, हंस की भांति विवेक, नीला आसमान उन्मुक्त विचार से विद्यार्थी में संकल्प से सफलता प्राप्त के ज्ञान के बल से परिपूर्ण होंगे कि संकल्पना के साथ लोगो को तैयार किया गया जो विद्यर्थियों में नई ऊर्जा का संचार के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिये प्रेरित करेगा।
यह कार्यक्रम बच्चों के लिये बहुत ही प्रेरणादायक व आगे बढ़ने के लिये कारगर साबित होगा जिसे बहुत शालीनता के साथ सुने समझे और आत्मसात करने का प्रयास किये हैं। सभी विशेषज्ञों को विद्यालय की ओर से स्मृतिचिन्ह भेंट कर प्राचार्य व विद्यालय परिवार के सदस्यों ने धन्यवाद के साथ आभार प्रकट कर क्रार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में बढ़व संगवारी संस्था के सदस्य के साथ विद्यालय से तुलेन्द्र सागर प्राचार्य, व्याख्याता गण वोमन लाल ठाकुर, रितेश जोशी, सरिता जैसवार, लक्ष्मी ठाकुर, दीनदयाल साहू, ममता शर्मा, तारणी साहू सहा शिक्षक , कार्यालय स्टाफ मनीष भृंगराज, पुरुषोत्तम कमार, मन्थिर यादव के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे