रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे
महासमुन्द वर्ष 2024 में सनातन/हिन्दू धर्म के करोड़ों लोगों के संघर्ष और बलिदान से भगवान श्री राम का मंदिर की स्थापना पूर्ण हुई,लेकिन शिखर में कलश और ध्वजा स्थापना का कार्य शेष था। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मंदिर में कलश और ध्वजा के स्थापना के उपरांत मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा किसी दंपत्ति के द्वारा किया जाना चाहिए था। परंतु लोकसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा भगवान श्री राम का विधि/नियम विरुद्ध प्राण प्रतिष्ठा राष्ट्रीय स्वयंसेवक के अध्यक्ष मोहन भागवत एवं मुख्यमंत्री(योगी) आदित्यनाथ के उपस्थिति में दोषपूर्ण प्राण प्रतिष्ठा किया गया, जिसका *सनातन/ हिन्दू धर्म शीर्ष के चारों पीठ 01-ज्योतिर्मठ 02-शारदा मठ 03-गोवर्धन मठ 04- श्रृंगेरी मठ शंकराचार्यों के द्वारा धार्मिक नियम के विरुद्ध प्राण प्रतिष्ठा का विरोध किया गया*
प्राण प्रतिष्ठा के 01 वर्ष के उपरांत श्री राम मंदिर का कलश और ध्वजा की स्थापना हुई। *प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए मोदी के द्वारा भगवान श्री राम को बालक तथा स्वयं को पालक के स्वरूप में ऊँगली पकड़कर मंदिर ले जाना दिखाया गया*
वर्ष 2023 में *कर्नाटक* प्रदेश के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ के लिए प्रभु *हनुमान जी* के नाम पर वोट मांगकर हिंदू का अपमान कर सनातन/हिन्दू धर्म के आस्था पर प्रहार किया गया, उसी प्रकार *गुजरात प्रदेश* व करोङों करोड़ सनातन/हिन्दू धर्म के लोगों के *हृदय में बसने वाले प्रभु श्री हनुमान जी* को *पतंग में उड़ा कर आस्था को चोट* पहुँचाया गया। मोदी के धर्म विरोधी कार्यों का कांग्रेस पार्टी,समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी तथा अन्य पार्टियों के द्वारा विरोध नही किया जाना आश्चर्यजनक है।
*जय श्री राम–जय बजरंग बली*
सभी सनातन/हिंदू धर्म के अनुयायियों से प्रार्थना है कि ऐसे कृत्यों का दलगत भावना से परे होकर गलत का पुरजोर विरोध दर्ज करने का कष्ट करें*
निवेदनकर्ता -पंकज साहू , सामाजिक कार्यकर्ता, महासमुन्द, जिला महासमुन्द छत्तीसगढ़
अगर आप सभी सम्मानीय जन यदि इस अपील से सहमत हैं तो आप मुझे मेरे व्हाट्सएप नम्बर 7587202141 पर कॉल अथवा संदेश देकर भावना व्यक्त करें
