संपादक कुंज कुमार रात्रे 
महासमुंद/- गुरु-शिष्य परंपरा और ज्ञान के सम्मान का प्रतीक गुरु पूर्णिमा पर्व का आयोजन शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके पश्चात समस्त छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों का तिलक लगाकर, श्रीफल भेंट कर एवं चरण वंदन कर सम्मान किया। कक्षा के बच्चों ने “गुरु गोविंद दोऊ खड़े” और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना कार्यक्रम में संस्था प्रमुख डीगेश कुमार ध्रुव ने कहा कि “गुरु ही हमारे जीवन का मार्गदर्शक है। एक अच्छा गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। आज के विद्यार्थी ही कल के देश निर्माता हैं। इसलिए गुरु का सम्मान करना और अनुशासन में रहकर शिक्षा ग्रहण करना हम सभी का कर्तव्य है। गुरु पूर्णिमा हमें यही संदेश देती वरिष्ठ शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने “गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा परसाक्षात परब्रम्ह तस्मै श्री गुरुवे नमः” का अर्थ बच्चों को समझाते हुए कहा कि “शिक्षक और छात्र का संबंध केवल पढ़ाने-पढ़ने तक सीमित नहीं है, यह जीवन भर का रिश्ता है। महर्षि वेदव्यास के आदर्शों पर चलते हुए हमें ज्ञान का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। गुरु के आशीर्वाद से ही छात्र जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं।”
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं पालकगणों में जमुना साहू, टीकम ध्रुव तथा पुष्पा निषाद उपस्थित रहे।
