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महासमुन्द: नजूल जमीन पर रहने वाले गरीबों को मिलेगा मालिकाना हक, सर्वे शुरू होगा

उपाध्यक्ष राठी बोले- भाजपा की घोषणा पत्र वाली गारंटी हुई पूरी, 15 अगस्त 2026 तक भेजनी है सूची

संपादक कुंज कुमार रात्रे महासमुन्द।* छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्रालय द्वारा प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के अंतर्गत सर्वे कराने का निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत अब शहरी क्षेत्रों में नजूल सरकारी जमीन पर निवास कर रहे गरीब परिवारों को पट्टा जारी कर मालिकाना हक के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ शीघ्र मिलेगा।

उक्त जानकारी देते हुए नपा उपाध्यक्ष देवीचन्द राठी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित प्रदेश व स्थानीय भाजपा नेताओं को बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।

श्री राठी ने कहा कि अब गरीबों के आवास से कोई वंचित नहीं रह सकता। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ प्रदेश ने नगरीय निकाय चुनाव के घोषणा पत्र में कहा था कि शहरी क्षेत्र में निवासरत शासकीय नजूल जमीन वालों को पट्टा जारी कर मालिकाना हक देकर प्रधानमंत्री आवास का लाभ हर गरीब परिवार को पहुंचाया जाएगा। उक्त घोषणा पत्र को अमल में लाते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार ने बड़ा व साहसिक कदम उठाया है, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।

क्षेत्र के विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी भाजपा विधायक दल की बैठक में सरकारी जमीन में निवासरत परिवारों को पट्टा जारी करने की पहल की थी। परिणामस्वरूप सरकार ने शीघ्र ऐसे परिवारों की जानकारी मांगी है जिन्हें मालिकाना हक दिया जा सके।

*2023 नियम के तहत होगा सर्वे*

श्री राठी ने बताया कि राज्य शासन ने नगरीय क्षेत्र के आवासहीन व्यक्तियों को पट्टा धृति अधिकार प्रदान करने हेतु छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टा धृति अधिकार नियम 2023 अधिसूचित किया है। इन नियमों के तहत जिले के समस्त नगरीय निकायों में सर्वे की कार्यवाही के लिए समुचित संख्या में राजस्व विभाग व नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए सर्वेक्षण दल का गठन किया जाना है।

सर्वेक्षण दल निर्धारित प्रपत्रों में वार्डों में सर्वे कर नजूल सरकारी अतिक्रमण जमीन में निवास कर रहे लोगों की सूची तैयार करेंगे। पात्रता का परीक्षण उपरान्त 15 अगस्त 2026 तक संचालक भू-अभिलेख रायपुर छत्तीसगढ़ को जानकारी भेजना आवश्यक है।

*कौन होंगे पात्र, कौन से दस्तावेज मान्य*

श्री राठी ने आगे बताया कि शहर में प्राधिकारी अधिकारी सर्वेक्षण टीम द्वारा आवासहीन व्यक्तियों का मामला पंजीकृत किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति अधिनियम के अंतर्गत पात्रता रखेंगे। नगर निगम क्षेत्र में 600 वर्ग फीट एवं अन्य नगरीय क्षेत्र में 800 वर्ग फीट की शासकीय भूमि पर कब्जा 20 अगस्त 2017 से लगातार हो, ऐसे लोग पात्र समझे जाएंगे।

भूमि के कब्जे के संबंध में सत्यापन हेतु 20 अगस्त 2017 के पूर्व जारी निम्न दस्तावेज मान्य होंगे:

1. भारत निर्वाचन/राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची

2. विद्युत बिल

3. टेलीफोन बिल

4. स्थानीय नगरीय निकायों के सम्पत्ति कर या समेकित कर की रसीद

5. जलकर भुगतान की रसीद

6. भवन अनुज्ञा या दुकान अनुज्ञा पत्र

7. अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त पट्टाधृति पट्टे

8. आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस

उक्त दस्तावेजों के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा कि उक्त परिवार 2017 से निवासरत है। ऐसे परिवार का सर्वे टीम द्वारा सर्वे उपरान्त सूचीबद्ध कर छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा। 2023 के पहले जो भी सर्वे हुआ है वह शून्य घोषित हो गया है। अब नए सर्वे से गरीबों को आवास पट्टा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ छत्तीसगढ़ शासन की भाजपा सरकार द्वारा दिया जाना है, जो कि एक महत्वपूर्ण योजना साबित होगी।

लंबे समय से सरकारी भूमि पर काबिज गरीब-मजदूर परिवारों के लिए यह सुनहरा अवसर साबित होगा। सरकार ने सर्वे के लिए समय निर्धारित भी कर दिया है – 15 अगस्त 2026 तक राजस्व मंत्रालय रायपुर को जानकारी भेजना आवश्यक है। इसलिए शीघ्र ही राजस्व व नगरपालिका की सर्वे टीम गठित कर सर्वे को तेज गति से कराया जाएगा।

*पट्टे होंगे निःशुल्क*

उपाध्यक्ष देवीचन्द राठी ने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में 150 प्रतिशत में सरकारी जमीनों को बेचा गया, वहीं भाजपा सरकार ने गरीब जनता को लाभान्वित करने के लिए कल्याणकारी नीति बनाई है। सर्वे उपरान्त सरकार द्वारा जारी सभी नए पट्टे निःशुल्क होंगे। समस्त प्रयोजन या उपयोग के लिए रियायती पट्टा माना जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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