रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे
महासमुन्द: पदुमन सिंह शा उ मा वि गढ़सिवनी के कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों को शैक्षणिक उद्देश्य व भूगोल प्रायोगिक प्रतिपूर्ति के लिये बच्चों को जंगल सफारी, शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक व आदिवासी संग्राहालय एवं पूरखौती मुक्तागन का भ्रमण कराया गया। जंगल सफारी के जू पार्क में प्रवेश करते ही बच्चे जंगल में मुक्त विचरण करने वाले जीव जंतु से रूबरू हुए जिसमे सफेद टाइगर, बंगाल टाइगर, एशियाटिक सिंह, विभिन्न प्रजाति के हिरण, भालू, मगरमच्छ, दरियाई घोड़ा, सर्प की संग्रह, विभिन्न प्रकार के पक्षियों के तितली गार्डन व पुलों की बागवानी से रोमांचित होकर फोटोग्राफी किये। ततपश्चात छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी शाहिद वीर नारायण के स्मृति में बने संग्रहालय में प्रवेश करते ही सभी बच्चे संग्रहालय का अवलोकन करते भावविभोर के साथ एक एक प्रदर्शित चित्रण को निहारते रहे जिसमे स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के द्वारा सँघर्ष व बलिदान की गाथा को सजीवता के साथ बखूबी प्रस्तुत किया है। बच्चे प्रथम दृष्टया तो कहने लगे यह तो वास्तविक में सजीव लग रहा है। इस संग्रहालय में आदिवासी समुदाय की कहानी व उनके जीवन शैली को प्रदर्शित किया गया है। साथ ही आदिवासी संग्रालय में पूरे छत्तीसगढ़ के जनजाति संस्कृति की जन्म से लेकर उनके रहन सहन, खान पान तीज त्योहार , सामाजिक परिवेश व मृत्यु संस्कार का पूरा संग्रह का प्रदर्शन किया गया है सभी बच्चे उत्साह पूर्वक एक कलाकृतियों को निहारते रहे। साथ ही संग्रहालय में प्रदर्शित मनोरंजन से ओतप्रोत थियेटर का भी आनंद लिये। फिर बड़ी पूरखौती मुक्तागन में प्रवेश कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, सामाजिक, व परम्परा का संग्रह एक स्थान पर पाकर बच्चे गदगद होगये। साथ ही छत्तीसगढ़ की मंत्रालय व सचिवालय के साथ नवनिर्मित विधान सभा भवन का भी अवलोकन करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी अवलोकन करते हुये भ्रमण के समापन हुआ।गढ़सिवनी स्कूल के बच्चे प्रथम बार विद्यालयीन भ्रमण में बाहर निकले बहुत उत्साहित होकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे । यह ट्रिप बहुत ही आनंद मय रहा जिसमें खास तौर से छत्तीसगढ़ से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में संस्था से तुलेन्द्र सागर प्राचार्य के मार्गदर्शन व व्याख्याता वोमन लाल ठाकुर के नेतृत्व में सहयोगी व्याख्याता गण सरिता जैस्वार, रितेश जोशी, ममता शर्मा एवं लक्ष्मी ठाकुर व स्टाफ मन्थिर यादव के साथ विद्यार्थी सामिल रहे अंत मे खुशी खुशी घर को वापस हुए।