रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे
महासमुन्द अपनी नाकामियों को छिपाने व अपनी उपलब्धियों के धरातल पर क्रियान्वयन की सत्यता से घबरा कर…सरकार शिक्षकों द्वारा ईमानदारी से एकत्रित किए जनगणना सबंधी आकड़ो को फेरबदल का दबाव बना रही है जो सरकार की 12 साल की उपलब्धियों के दावों की सत्यता को उजागर करता है उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति में जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नीरज परोहा तिवारी ने विज्ञप्ति में कही l
पूर्व जिला प्रवक्ता ने कहा कि जनगणना से एकत्रित आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं की दशा और दिशा तय करती है l एकत्रित आंकड़े सरकार की योजनाओं के लाभ क्रियान्वयन व उसकी सफलता व असफलता की कहानी को बयां करता है l आज जनगणना 2026 में स्कूली शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा भीषण गर्मी लू के प्रकोप को झेलकर ईमानदारी से एकत्रित किए आकड़ो को फेरबदल कर सरकार अपनी विकास योजनाओं की वाही वाही लेकर अपने सरकार के कार्यो को श्रेष्ठ व आज़ादी उपरांत आज तक देश की जनप्रिय सरकार प्रचारित करने में लगी है जो बेहद निन्दाजनक है l
पूर्व जिला प्रवक्ता ने आगे कहा कि…जनसंख्या में एकत्रित आकड़ो ने…किसी के निवास को शौचालय विहीन…किसी पात्र को उज्वला गैस रिफील करने में अपात्र…किसी ने…प्रधानमंत्री आवास योजना विहीन परिवार की जानकारी दी है लेकिन इन आकड़ो को सरकार दबाव पूर्वक फेरबदल करने में जुटी है सरकार इन आकड़ो अपनी खराब व धूमिल छवि को साफ स्वच्छ बनाने में जुटी है l
पूर्व प्रवक्ता ने आगे कहा कि…जनगणना कार्य का मूल उद्देश्य करोड़ो रुपयों की राशि खर्च कर…विभिन बिंदुओं पर आंकड़े एकत्रित कर देश मे निवासरत परिवारों की स्थिति ज्ञात करने का है लेकिन सरकार ने अपनी साख व छवि सुरक्षित रखने इसकी दिशा ही बदल दी है जो सरकार की हताश व हिटलर शाही को प्रदर्शित करता है l