Blogछत्तीसगढ़

शैक्षिक गतिविधियों से बच्चों में सीखने एवं सीखाने की कला का विकास होता है – – योगेश मधुकर

रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे महासमुंद/- छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार स्कूलों में विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा बनाई गई है जिसके अंतर्गत शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में स्कूली बच्चों के द्वारा स्पीड रीडिंग प्रतियोगिता एवं पुस्तक वाचन कार्यक्रम का आयोजन शिक्षकों की उपस्थिति में किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। स्पीड रीडिंग एवं पुस्तक वाचन करने वालों में कक्षा छठवीं से सती यादव, टिंकल निषाद, लेमन सिन्हा, कन्हैया साहू, मयंक सिन्हा, कक्षा सातवीं से हुलसी साहू, पायल साहू, मिथलेश साहू, कक्षा आठवीं से दामिनी निषाद, राधिका निषाद, लकेश्वर सिन्हा एवं करण निषाद प्रमुख रहे शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने बच्चों को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की रजत जयंती अर्थात 25 वर्ष 1 नवंबर 2025 को पूरे होने के उपलक्ष्य में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों में विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों व कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने का आदेश प्रसारित किया है। जिसके तहत प्रथम चरण की गतिविधियाँ 28 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक किया जाना है। उन्होंने कार्यक्रम का शेड्यूल बताते हुए कहा कि 28 अगस्त को स्पीड रीडिंग प्रतियोगिता — विद्यार्थियों एवं पालकों के लिए समझ के साथ तेज गति से पढ़ने की गतिविधि आयोजित की जाएगी। 29 अगस्त को पुस्तक वाचन कार्यक्रम — पालक, विद्यार्थी एवं शिक्षक सामूहिक रूप से पुस्तक वाचन करेंगे। 30 अगस्त को प्रदर्शनी — विद्यालयों में 25 वर्षों की उपलब्धियों का प्रदर्शन, जिसमें विद्यार्थी, पालक और समुदाय भाग लेंगे तथा 31 अगस्त को एलुमनी बैठक — भूतपूर्व विद्यार्थियों एवं वर्तमान विद्यार्थियों-शिक्षकों के बीच संवाद और संस्मरण साझा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।शिक्षक योगेश मधुकर ने कहा कि शालाओं में इस तरह के आयोजन करने से शिक्षक, पालक, विद्यार्थी एवं समुदाय के बीच सामुदायिक सहभागिता के विकास को बढ़ावा मिलेगा साथ ही साथ बच्चों की शैक्षणिक प्रगति एवं उनके विभिन्न आयामी कौशल जैसे पढ़ना, सुनना, बोलना, लिखना एवं समझने की क्षमता का विकास होगा। इसके साथ ही उन्हें बड़े बुजुर्गों का शैक्षणिक, व्यावहारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक अनुभवो के ज्ञान का बोध भी होगा। जिससे बच्चों में सीखने एवं सीखाने की कला का विकास होगा।इसी तारतम्य में वरिष्ठ शिक्षक पोखन लाल चंद्राकर ने बच्चों को चॉकलेट बांटकर अपने जन्म दिवस की खुशियां साझा करते हुए सभी बच्चों को पढ़- लिखकर अपना लक्ष्य निर्धारित कर एक अच्छा नागरिक एवं एक अच्छा प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करने हेतु मार्गदर्शन दिया।इस अवसर पर समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button