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माताओ बहनों का पारम्परिक पर्व तीज व्रत पर सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हा कुमारी प्रीती दीदी ने सेवाकेंद्र पर  विशेष आयोजन कर रखा था,

रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे महासमुंद प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र उपकार भवन नयापारा वार्ड में इस बार छत्तीसगढ़ी  माताओ बहनों का पारम्परिक पर्व तीज व्रत पर सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हा कुमारी प्रीती दीदी ने सेवाकेंद्र पर  विशेष आयोजन कर रखा था, बड़ी संख्या में माताएं बहनें इस कार्यक्रम का लाभ उठाया, गीत संगीत, मनोरंजन डांस और खेलकूद में हिस्सा लिया , प्रीती दीदी ने इस पर्व पर प्रकाश डालते हुए कहा यह पर्व शिव पार्वती विवाह के कथा और व्रत से जुड़ा है और आध्यात्मिक रहस्य को समझाया कि वास्तव में घोर कलयुग के अन्त समय में (वर्तमान) जगत नियंता निराकार ज्योती स्वरूप परमपिता परमात्मा शिव आत्मा रुपी पार्वतीयो  को आत्म ज्ञान देकर अमर बनने की कथा सुनाते हैं और वही पार्वती रुपी आत्माएं संसार के सुख शांति वैभव आदि को ठुकरा कर एक शिव को चुनकर अपना जीवन सफल बनाती है और आध्यात्मिक सुख शांति खुशी आनन्द प्रेम से भरपूर बन जाती है, दीदी ने उप + वास का अर्थ यह बताया कि हमें सच्चे दिल से भगवान के निकट रहकर उन्हें निरंतर याद करना है उनके समीप रहना , कमल पुष्प का अर्थ यह बताया कि अपने जीवन के सभी कर्तव्य निर्वाह निभाते हुए इस विकारों रुपी दलदल कलयुगी तालाब से अपने को बचा कर रखें, और रात्रि जागरण का अर्थ अपने जीवन को अज्ञान नींद से जगाना विकारों और बुराईयों को समाप्त करना ही सच्ची जागरण है, तत पश्चात सभी माताओं बहनों ने शक्तिशाली मेडिटेशन द्वारा बुराईयों को भस्म करने की प्रतिज्ञा ली और अपने में आध्यात्मिक शक्ति की अनुमति की..

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