छत्तीसगढ़

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देश के आजादी के लिए बेड़ा डंडी का सजा पाने वाले लोकतंत्र सेनानी

कुंजूरात्रेमहासमुंद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देश के आजादी के लिए बेड़ा डंडी का सजा पाने वाले लोकतंत्र सेनानी आपातकाल के प्रथम दिन जेल गए उसी प्रकार प्रथम राज्य आंदोलनकारी लाखों छत्तीसगढ़ियों को राज्य आंदोलन के लिए संघर्ष का रास्ता दिखाने वाले मार्गदर्शक आचार्य नरेंद्र दुबे,जागेश्वर प्रसाद,अब्दुल गनी, परमानंद वर्मा जैसे दर्जनों आंदोलनकारी आपात काल के दौरान जेल में इसलिए भेज दिये गये वे राज्य आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे 25 जून राज्य आंदोलनकारी मानते हैं काला दिवस

रायपुर 24 जून 24।25 जून 1975 अर्ध रात्री आपात काल घोषित कर आपातकाल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देश के आजादी के लिए बेड़ा डंडी का सजा पाने वाले लोकतंत्र सेनानी आपातकाल के प्रथम दिन जेल गए उसी प्रकार प्रथम राज्य आंदोलनकारी लाखों छत्तीसगढ़ियों को राज्य आंदोलन के लिए संघर्ष का रास्ता दिखाने वाले मार्गदर्शक आचार्य नरेंद्र दुबे,जागेश्वर प्रसाद,अब्दुल गनी, परमानंद वर्मा जैसे दर्जनों राज्य आंदोलनकारियों को भेज दिया गया रायपुर जेल। डीआईआर धारा मीसा में दो वर्ष तक राज्य आंदोलनकारियों को रखा गया नजर बंद। भारत के लोकतंत्र का सबसे बड़ा काला दिन आपात काल 1975 25 जून है। प्रति वर्ष राज्य आंदोलनकारी छत्तीसगढी भवन हांडीपारा में मानते हैं “” काला दिवस “‘ 25 जून को दोपहर 02 बजे आपात काल के हुए अमानवीय गिरफ्तारी के विषय पर आपात काल के नायक जागेश्वर प्रसाद प्रकाश डालेंगे। राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे,दीनदयाल वर्मा,दाऊ जी.पी.चंद्राकर द्वारा आपात काल में जेल जाने वाले जागेश्वर प्रसाद सहित अन्य जेल जाने वालों का सम्मान शाल,श्रीफल से सम्मानित किया जायेगा। अशोक कश्यपउप संगठन सचिवमो. 9009087379

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