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महासमुंद में श्रीमद भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सागर

रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे महासमुन्द 23 अप्रैल,महासमुंद। शहर के पंजाबी पारा स्थित वार्ड क्रमांक 23 में आयोजित श्रीमद भागवत महापुराण कथा ज्ञान सप्ताह का शुभारंभ अत्यंत भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा के प्रथम दिवस आचार्य श्री नारायण दास वैष्णव जी (श्री राम मंदिर, महासमुंद) के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

कलश यात्रा कथा स्थल से रामेश्वरी मंदिर होकर पुनः कथा स्थल तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर उत्साह और भक्ति भाव से भाग लिया। भजन-कीर्तन, शंखनाद और जयघोष के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

 

*दूसरे दिन कथा में ‘शुकदेव-परिक्षित संवाद’ और ‘नारद अवतार’ का भावपूर्ण वर्णन*

कथा के दूसरे दिन आचार्य श्री नारायण दास वैष्णव जी ने भागवत महापुराण के द्वितीय स्कंध के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्री शुकदेव जी और राजा परीक्षित के संवाद के माध्यम से जीवन की नश्वरता और भक्ति की महिमा को सरल शब्दों में समझाया। साथ ही नारद अवतार की कथा सुनाते हुए बताया कि सत्संग और प्रभु स्मरण से ही मनुष्य जीवन सार्थक होता है।

इस पावन अवसर पर पुरोहित एवं परायणकर्ता पंडित हेमन्त दास वैष्णव (महासमुंद) एवं पंडित सूरज दास वैष्णव (चिंगरौद्) भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनके सानिध्य में संपूर्ण अनुष्ठान विधिवत संपन्न हो रहा है।

आचार्य नारायण दास जी ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में शांति एवं संतुलन आता है।

भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए कथा का समय परिवर्तित कर अब प्रतिदिन शाम 4 बजे से किया गया है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं।

श्री मद भागवत कथा महापुराण का आयोजन श्रीमती प्रेमशीला -पोषण साहू, पंजाबी पारा एवं साहू परिवार द्वारा किया जा रहा है। साथ ही आयोजन में आसपास सहित समस्त श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान है। आगामी दिनों में प्रहलाद चरित्र,वामन अवतार,श्री राम कृष्ण प्राकट्य उत्सव का आयोजन होगा एवं विभिन्न पौराणिक प्रसंगों के साथ कथा का क्रम 28 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा।

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