रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे
महासमुंद//बसना अंचल की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन (ऑपरेशन द्वारा) प्रसव सुविधा की सफल शुरुआत कर दी गई है। यह सुविधा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अब जटिल एवं आपातकालीन प्रसव की स्थिति में महिलाओं को महासमुंद, रायपुर या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नन्दनवार के निर्देशन एवं सतत निगरानी में प्रारंभ की गई। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आवश्यक तैयारियां पूर्ण की।
डॉ. नारायण साहू के नेतृत्व में मिली सफलता
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण साहू के कुशल नेतृत्व, नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रभावी टीमवर्क के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थियेटर, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप सिजेरियन प्रसव सेवा को सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा सका इस सीजेरियन ऑपरेशन के सतत् मॉनिटरिंग हेतु जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे, डॉ ज्योति साहू ,डॉक्टर छत्रपाल चंद्राकर आरएमएनसीएचए सलाहकार संदीप चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिलाषा गौतम, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दयानंद होता , एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राहुल कश्यप (अग्रवाल नर्सिंग होम बसना), नर्सिंग टीम से रैना रागनी व आकांक्षा इक्का एवं विकासखंड कार्य प्रबंधक डोलचंद नायक का विशेष योगदान रहा। पुरे टीम के सामूहिक प्रयासों से प्रथम सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
“सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बसना में सिजेरियन सुविधा के तहत ग्राम भूकेल निवासी गंगा पटेल (27 वर्ष), पति रविन्द्र पटेल जिनका संभावित प्रसव की तिथि 9 मार्च 26 तय था का प्रसव सुरक्षित 20 मार्च 26 को 2 बजकर 8 मिनट में कराया गया है बच्चे का वजन 3 किलो 410 ग्राम है अभी मां एवं नवजात दोनों स्वस्थ हैं।” और डाक्टरो की सतत निगरानी मे है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा—
“बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित उपचार मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हों।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा—
“सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू होने से जिले की मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी। अब जटिल प्रसव मामलों में त्वरित उपचार संभव हो सकेगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित मातृत्व सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं।”
आपातकालीन प्रसव मामलों में तुरंत इलाज संभव होगा
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी
गरीब एवं ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी।
अभी केवल पूर्व नियोजित प्रसव कराये जाएंगे जल्दी ही इसका विस्तार सभी प्रकार के प्रसव के लिए विस्तार किया जायेगा जिससे यह सेवा सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से संचालित की जा सकेगी।
