संपादक कुंज कुमार रात्रे 
हासमुन्द जिला के बसना विकासखंड सीमान्त क्षेत्र एवं सरायपाली लोकनिर्माण विभाग की देखरेख में निर्मित कापूडीह से बिरसिंगपाली मार्ग को करीब 2 करोड़ 89 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बनाया गया है,जिसकी लंबाई 2.50 किलोमीटर सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़कर दो फाड़ हो गई है।
इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) सरायपाली के माध्यम से कराया गया था और निर्माण कार्य का ठेका मनोज केडिया को दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण शुरू होने के समय से ही पुलिया और सड़क में घटिया सामग्री तथा गुणवत्ता से समझौता किए जाने की लिखित शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब पहली ही बारिश में सड़क की हालत सामने आने के बाद ग्रामीण विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
बता दे कि जब सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायतें उठीं, तब कथित तौर पर सड़क पर मुरूम डालकर डामरीकरण को ढंकने का प्रयास किया गया, ताकि निर्माण की खामियां छिपाई जा सकें। इस मामले को दैनिक भास्कर ने भी पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस समय विभागीय अधिकारियों में एसडीओ सरायपाली तिवारी ने मुरूम डाले जाने के लिए ग्रामीणों को जिम्मेदार बताते हुए गांव वालो के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, जबकि मुरूम को ठेकेदार द्वारा डलवाया गया था।
अब जर्जर सड़क को लेकर दूरभाष के माध्यम से फोन से pwd के एसडीओ को फोन तथा व्हाट्सएप पर सड़क की वर्तमान स्थिति के फोटो और वीडियो भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित अधिकारी इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लेंगे या फिर ठेकेदार से सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि अब जबकि पहली ही बारिश में करोड़ों रुपये की सड़क उखड़ चुकी है, ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही या अनियमितता हुई है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा ठेकेदार के खर्च पर सड़क का दोबारा निर्माण कराने की मांग की है।
चार माह पहले ही ग्रामीणों ने जताई थी आशंका
उल्लेखनीय है कि करीब चार माह पहले ही ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सरायपाली को लिखित शिकायत देकर सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
शिकायत में ग्रामीणों ने मौके पर तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। अब पहली ही बारिश में सड़क के दो फाड़ होकर उखड़ जाने के बाद ग्रामीणों का कहना है कि यदि चार माह पहले की शिकायत पर निष्पक्ष जांच और समय पर कार्रवाई की गई होती, तो करोड़ों रुपये की इस सड़क की ऐसी दुर्दशा नहीं होती। अब ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोष तय करने, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करने तथा जनता के पैसे से बनी सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
PWD इंजीनियर का बयान: धंसे हिस्से का डामरीकरण ठेकेदार अपने खर्च पर दोबारा करेगा
कापूडीह–बिरसिंगपाली
डामरीकरण मार्ग के एक हिस्से में सड़क धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के उप अभियंता मुकेश नाइक ने बताया कि नए मिट्टी वाले हिस्से में अधिक नमी (हाइड) और सेटलमेंट के कारण सड़क का कटाव हुआ है, जिससे मार्ग का एक हिस्सा धंस गया।
उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार का डामरीकरण कार्य का पूरा भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है और उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, धंसे हुए हिस्से का डामरीकरण ठेकेदार को अपने खर्च पर दोबारा कराना होगा। सुधार कार्य और गुणवत्ता मानकों की जांच के बाद ही भुगतान पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
उप अभियंता ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सड़क का अभी तक औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है। विभाग की निगरानी में आवश्यक सुधार कार्य पूरा कराया जाएगा।