रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे
महासमुंद। दिनांक 25।05।2026 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) जिला महासमुंद के अंतर्गत कार्यरत 550 अधिकारी-कर्मचारियों को शासन से बजट जारी होने के बाद भी अप्रैल माह का वेतन नहीं मिला है। एक सप्ताह पूर्व कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को लिखित में समस्या से अवगत कराने और 20 तारीख को जिले में बजट आने के बावजूद आज दिनांक तक कर्मचारी वेतन के लिए तरस रहे हैं। CMHO कार्यालय की इस घोर लापरवाही से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मुख्य बिंदु:
550 कर्मचारी प्रभावित: वेतन न मिलने से जिले के कुल 550 स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
20 तारीख को आया बजट: शासन द्वारा जिले को वेतन हेतु आवश्यक बजट 20 तारीख को ही आवंटित कर दिया गया है।
पूर्व में दी गई थी सूचना: कर्मचारियों ने एक सप्ताह पहले ही कलेक्टर और CMHO महोदय को ज्ञापन सौंपकर वेतन न मिलने की समस्या से अवगत कराया था।
प्रशासनिक उदासीनता: शीर्ष अधिकारियों को संज्ञान होने और बजट उपलब्ध होने के बाद भी आज दिनांक तक कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया गया है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ जिला इकाई महासमुंद का कहना है कि जब जिला प्रशासन और CMHO को एक सप्ताह पहले ही वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया था, तो बजट आते ही तत्काल भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए थी। बजट जिला कार्यालय में होने के बाद भी 550 परिवारों के सामने दैनिक खर्चों, बच्चों की स्कूल फीस और अन्य जरूरी भुगतानों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
एनएचएम कर्मचारी संघ ने साफ किया है कि यदि बजट आने के बाद भी जानबूझकर वेतन रोका जा रहा है, तो कर्मचारी अब चुप नहीं बैठेंगे। यदि अगले 48 घंटों के भीतर सभी 550 कर्मचारियों के खातों में अप्रैल माह का वेतन ट्रांसफर नहीं हुआ, तो जिले के समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी उग्र आंदोलन और काम बंद करने पर मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।
भवदीय, राम गोपाल खूंटे जिला अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ,
जिला इकाई महासमुंद (छ.ग.)
