रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे
महासमुन्द उत्तरप्रदेश की योगी नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगने का कार्य बेहद निदनीय है l विरोध व एकला की राजनीति से ग्रसित भाजपा सरकार को हिंदू धर्म की पुरातन परंपरा गुरु शिष्य का अपमान है उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति में रायपुर शहर जिला कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नीरज परोहा ने कही l
पूर्व प्रवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा की सरकार द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का प्रमाण माँगना सम्पूर्ण हिन्दू समाज सहित देश की पुरातन परंपरा का अपमान है l सत्तारूढ़ भाजपा देश की सर्वोच्च धार्मिक संस्था की सत्ता को चुनौती देने का प्रयास कर रही है l भारत वर्ष के निर्माण के बाद कई सौ वर्षों से गुरु पश्चात शिष्य को शंकराचार्य बनाया जाता है जो एक धार्मिक परंपरा है l उक्त परंपरा को…किसी मुख्यमंत्री …सरकार…प्रशासन को शंकराचार्य तय करने का अधिकार नही है l
पूर्व प्रवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा पहले मुसलमानों से कागज की मांग करती थी अब हिन्दू समाज की सबसे बड़ी संस्था प्रमुख से प्रमाण की मांग करती है जो सम्पूर्ण समाज की आस्था पर चोट करने जैसा निंदनीय कार्य है l
पूर्व प्रवक्ता ने उत्तरप्रदेश सरकार से इस कार्य पर लिखित माफी मांगकर….अपने कार्यो के मंथन में आवश्यकता है जिससे देश मे हिंदू सहित निवासरत सम्पूर्ण समाज की आस्थाओं पर भविष्य में चोट ना पहुँच सके l