रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे 
महासमुंद।छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ एवं मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ संयुक्त राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के संयुक्त आवाहन पर जिला महासमुंद में पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम 14 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर महासमुंद विनय कुमार लंगेह (आई.ए.एस.) को सौंपा गया।
यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष डॉ. अशोक गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से टेकराम सेन जिला संयोजक, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन महासमुंद, भोजराज पटेल अध्यक्ष, सरायपाली, शिव साहू प्रांतीय उपाध्यक्ष, बी.आर. ध्रुव कार्यालय प्रभारी, बी.आर. देवांगन सचिव, मनराखन ध्रुव कोषाध्यक्ष सहित सनमान सिंह दीवान, गजानंद चंद्राकर, भाव सिंह नेताम, बंसीलाल चंद्राकर, धनसाय माझी, सनद यादव, नेहरू लाल नायक, चंद्र बदन मिश्रा, बोधन साहू, संतु साहू एवं अनेक पेंशनर साथी उपस्थित थे।
यह ज्ञापन मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ संयुक्त राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के संयुक्त आंदोलन के अंतर्गत दिया गया है। उल्लेखनीय है कि फेडरेशन की 10 सितंबर 2025 को जबलपुर मुख्यालय में संपन्न बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप यह संयुक्त मांगपत्र राज्य शासन को सौंपा गया।
प्रमुख मांगों में विधानसभा चुनाव पूर्व “मोदी की गारंटी” के अंतर्गत किए गए वादों के अनुसार केंद्र शासन की तिथि से महंगाई राहत डीआर का भुगतान, धारा 49(6) की गलत व्याख्या समाप्त कर समय पर डीआर प्रदान करना, 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पेंशन में 20 प्रतिशत वृद्धि, पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, तीर्थ यात्रा योजना में पेंशनरों को शामिल करना, वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन, पंजीकृत पेंशनर संघों को मान्यता, पेंशनर कल्याण मंडल का गठन, रेल यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों को पुनः छूट, आयकर में विशेष छूट, पेंशनर की मृत्यु पर आश्रित परिवार को ₹50,000 की अनुग्रह राशि, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पुनः लागू करना तथा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्णय के अनुसार छठवें एवं सातवें वेतनमान के एरियर्स का भुगतान शामिल है।
पेंशनरों ने राज्य शासन से सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
उक्त प्रेस विज्ञप्ति बी. ध्रुव, कार्यालय सचिव द्वारा जारी की गई।
