छत्तीसगढ़

जिला जेल महासमुंद में 107 बंदियों के साथ तनाव प्रबंधन और आत्महत्या रोकथाम के विषय पर कार्यशाला किया गया .

 संपादक कुंज कुमार रात्रे महासमुंद 18 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला जेल महासमुंद में तनाव प्रबंधन और आत्म हत्या रोकथाम के विषय पर कार्यशाला डॉ पी कुंदेशिया सी एमएचओ, श्री मती नीलू घृतलहरे डीपीएम, व डॉ सी पी चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वय से कार्यशाला किया गया. बंदियों को मानसिक तनाव और आत्महत्या के लक्षण जैसे, चिंता करना, मन का उदास होना, नींद ना आना, गुस्सा करना, अपने आपको नुकसान पहुंचना, नशा का आदि होना, आत्मविश्वास में कमी, रुचिगत कार्य में मन नही लगना, व्यवहार में परिवर्तन होना,  रोकथाम के उपाय -= अपना दैनिक दिनचर्या को ठीक रखेने , आपसी समन्वय स्थापित करने एक दूसरे से वार्तालाप करने , हल्का व्यायाम प्रतिदिन योगा अभ्यास करने अपना स्वयं की सफाई, मोटिवेशन, मनोरंजन जैसे किताब पढ़े, खेल आदि का आनंद ले. टी वी देखे, डीप ब्रिथिंग बलून आदि. के माध्यम से तनाव प्रबंधन और आत्महत्या रोक के विषयों पर चर्चा एवं साइकोसोशल इंटेर्वेसन किया गया जिला जेल उप अधिक्षक श्री मुकेश कुमार कुशवाहा, डॉ महेंद्र चौधरी मेडिकल ऑफिसर व स्टॉफ का सहयोग रहा, मेडिकल कालेज सह जिला अस्पताल महासमुंद से रामगोपाल खूंटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, खोमन लाल साहू द्वार 107 बंदियों व स्टॉफ के कार्यशाला किया गया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button