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में डॉ. युगल चंद्राकर ने बच्चों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के महत्व की जानकारी देते हुए हाथ धोने का सही तरीका बताया।

जल है तो कल है, स्वच्छता से जीवन है

संपदा  कुंज कुमार रात्रे महसमुंद। “जल है तो कल है, स्वच्छता से जीवन है” थीम के अंतर्गत आस्था वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसाइटी महासमुंद एवं सोहम जन सेवा समिति द्वारा ग्राम लभरा प्राथमिक शाला में स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. युगल चंद्राकर ने बच्चों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के महत्व की जानकारी देते हुए हाथ धोने का सही तरीका बताया। उन्होंने जल को जीवन का आधार बताते हुए पानी की एक-एक बूंद बचाने, नलों को अनावश्यक रूप से खुला न छोड़ने तथा जल के सदुपयोग के लिए बच्चों को प्रेरित किया।

संस्था प्रमुख श्रीमती मधु तिवारी ने “कबाड़ से जुगाड़” की अवधारणा समझाते हुए घर में पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं से सजावटी एवं उपयोगी सामग्री बनाने के तरीके बताए। उन्होंने बच्चों को वस्तुओं के पुनः उपयोग एवं कचरा कम करने के लिए प्रेरित किया।

श्रीमती शोभा शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए किचन गार्डन एवं पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के साथ ही पॉलिथीन का उपयोग कम कर प्रकृति को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के 15 जरूरतमंद बच्चों को बैग सहित शिक्षण सामग्री का वितरण डॉ. युगल चंद्राकर एवं श्रीमती मधु तिवारी के हाथों किया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती निरंजना चंद्राकर ने किया तथा आभार श्रीमती तबस्सुम खान ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं दोनों संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।

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