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प्राथमिक शाला चिंगरौद में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन संपन्न हुआ नन्हे कदम कल के उज्ज्वल भविष्य हैं-

शिक्षा वह दीप है जो अंधेरे को दूर करता है- छेरकू राम जलक्षत्री

संपादक कुंज कुमार रात्रे महासमुन्द शासकीय प्राथमिक शाला चिंगरौद में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन मुख्य अतिथि छेरकू राम जलक्षत्री सरपंच के मुख्य आतिथ्य में बच्चों को तिलक एवं मुंह मीठा कराकर संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैल चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर अतिथियों के स्वागत सत्कार के पश्चात् प्रारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इन नन्हे हाथों में स्लेट और किताब देखकर लग रहा है जैसे गाँव का भविष्य खुद चलकर स्कूल आ गया हो। सरकार स्कूलों में किताब, ड्रेस, मिड-डे मील सब दे रही है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को रोज स्कूल भेजें। बेटा-बेटी में भेद मत करें, पढ़ी-लिखी बेटियां दो घरों को रोशन करती हैं ये नन्हे कदम कल के उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वो दीप है जो अंधेरे को मिटाता है। आइए, आज संकल्प लें – एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संकुल प्राचार्य भरत सिंग साहू ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, ये एक संकल्प है – हर बच्चे को शिक्षा के अधिकार तक पहुँचाने का

आज आप देख रहे हैं, 6 साल का बच्चा झिझकते हुए स्कूल आ रहा है। कल यही बच्चा डॉक्टर, शिक्षक, किसान, सैनिक बनेगा। इसकी नींव आज पड़ रही है। बच्चे मिट्टी की तरह होते हैं हम जैसा गढ़ेंगे, वैसे बनेंगे अभिभावकों से निवेदन है कि वे स्कूल को एक समुदाय का हिस्सा मानें तथा हर महीने एक बार आकर अपने बच्चे की प्रगति अवश्य पूछिए, मोबाइल से ज्यादा समय बच्चे की कॉपी देखने में दीजिए। उन्होंने एसएमसी, एसएमडीसी के गठन एवं नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु समग्र शिक्षा शाला विकास समिति के सदस्यों को एक लाख तक के स्कूली विकास कार्यों के लिए शासन से अनुदान देने व उसके उपयोग करने की बात कही।शाला विकास समिति के शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक जीवन दास वैष्णव ने संबोधित करते हुए कहा कि इस पावन धरती पर बच्चों का स्कूल में प्रवेश देखकर पुराने दिन याद आ गए। जब हम खुद ऐसे ही हाथ में थैला लेकर आए थे। शिक्षा गरीबी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है। आपके बच्चे अगर पढ़ लेंगे तो ये गाँव से पलायन रोक देंगे। गाँव में ही रोजगार पैदा करेंगे या तो किसी प्रशासनिक सेवा में अपना योगदान देंगें। लोगों को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएँ तब तक सफल नहीं होंगी जब तक आप स्वयं स्कूलों में जुड़कर अपना सक्रिय योगदान नहीं देंगे। गुरुजी लोग हमारे बच्चों को माँ-बाप से ज्यादा समय देते हैं। उनका सम्मान करना हमारा धर्म है। घर पर भी बच्चों से पूछिए – आज स्कूल में क्या सीखा? कार्यक्रम के अंत में कक्षा पांचवी में प्रथम स्थान आने वाले छात्र-छात्राओं जिनमे क्रमशः कुमारी वैष्णवी निषाद 91.45 प्रतिशत, द्वितीय स्थान कुमारी योगिता निषाद 90.45 प्रतिशत तथा तृतीय स्थान हर्ष निषाद 90.35 प्रतिशत सभी को अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया तथा सरपंच के द्वारा नगद ₹100 का पुरस्कार प्रदान किया गया तथा 26 जनवरी में कक्षा आठवी एवं पांचवी में प्रथम स्थान लाने वाले छात्र-छात्राओं को एक – एक हजार रुपया नगद देने की घोषणा उन्होंने की है। बच्चों को मध्यान्ह भोजन में खीर-पुडी, भजिया एवं केला खिलाया गया।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने तथा आभार प्रदर्शन प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक दीपक राम सिन्हा ने किया।   उक्त कार्यक्रम के अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि दीपक साहू, संकुल समन्वयक लक्ष्मीनाथ साकरिया, शाला विकास समिति के अध्यक्ष मनोहर पटेल, शिक्षक राधेश्याम सोनी, पूर्व अध्यक्ष संतोष साहू, सदस्य हेमलाल कोसरे, कौशल सिन्हा, महिला सदस्य उत्तरा जलक्षत्री, सुशीला साहू, भारती निषाद, भगवंतीन निषाद, सुशीला साहू, गायत्री ध्रुव, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक डीगेश कुमार ध्रुव, वरिष्ठ शिक्षक पोखनलाल चंद्राकर, योगेश कुमार मधुकर, कोमल राम निषाद, सरस्वती गिलहरे, सतबती जांगड़े, हेमलता जागृति सहित समस्त छात्र-छात्राएं एवं पालकगण उपस्थित थे।

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