रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे 
महासमुन्द विश्व प्रसिद्ध अंतराष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्थान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका रही राजयोगिनी दादी जानकी जी की 6वी पुन्य स्मृति दिवस आज स्थानीय सेवाकेंद्र उपकार भवन में मनाया गया , ब्रम्हा कुमारी बहने और पूरा ईश्वरीय परिवार ने मिलकर दादीजी को श्रद्धांजलि अर्पित किया उनके नाम शिव पिता को भोग स्विकार कराया गया, सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हा कुमारी प्रीती दीदी ने बताया उन्हें बचपन से ही परमात्मा की खोज थी जो इस संस्थान में आकर पूरा हुआ, और अपना पूरा जीवन विश्व कल्याण के लिए समर्पित कर दिया,1978 में अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय के मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने दादीजी को दुनिया की सबसे स्थिर मन मोस्ट स्टेबल माइंड इन द वर्ल्ड महिला की उपाधि प्राप्त हुई , उन्होंने 104 वर्ष की आयु में अपने पुराने देह का त्याग किया , उनके जीवन के की मुख्य धारणाएं सच्चाई सफाई सादगी से रहना,वे सदा कहतीं थी अपने से पूछो मैं कौन मेरा कौन अर्थात मैं अजर अमर अविनाशी ज्योति स्वरूप आत्मा हूं और निराकार ज्योति स्वरूप शिव पिता परमात्मा की सन्तान हूं,दादी जी विश्व के पांचों महाद्वीपों में भ्रमण कर लाखों आत्माओं को निराकार ज्योति स्वरूप शिव परमात्मा के दिव्य अवतरण का संदेश दिया