संपादक कुंज कुमार रात्रे 
महासमुन्द शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में बैगलेस डे के अवसर पर रक्षाबंधन पर्व बड़े ही स्नेह और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने अपने सहपाठी छात्र-छात्राओं को राखी बांधकर भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया। साथ ही छात्राओं ने विद्यालय के प्रधान पाठक एवं सभी शिक्षकों को भी राखी बांधकर गुरु-शिष्य परंपरा के इस पवित्र बंधन को और मजबूत किया।
इस अवसर पर बच्चों ने राखी निर्माण, सांस्कृतिक गीत और रक्षाबंधन के महत्व पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए। विद्यालय परिसर पूरी तरह से रक्षाबंधन के रंग में रंगा रहा।
कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधान पाठक डीगेश कुमार ध्रुव ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धागा नहीं, यह एक संस्कार है। आज हमारी बेटियों ने जो अपने सहपाठियों और हम शिक्षकों को राखी बांधी है, वह यह दर्शाता है कि विद्यालय ही एक परिवार है। यहाँ हम सब एक-दूसरे की रक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए संकल्पित हैं। मैं सभी छात्राओं को आशीर्वाद देता हूँ कि वे हमेशा सुरक्षित रहें और खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ें। बेटियों ने आज यह सिखाया कि रक्षा केवल भाई ही नहीं, पूरा समाज करता है।
शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने बच्चों को संबंध संबोधित करते हुए कहा कि
हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रक्षाबंधन को ‘राखी तिहार’ के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। आज जब एक छात्रा अपने कक्षा के साथी को राखी बांधती है, तो वह उसे यह संदेश देती है कि हम सब मिलकर एक-दूसरे का सम्मान करेंगे और विद्यालय में किसी के साथ भेदभाव या छेड़छाड़ नहीं होने देंगे। यही असली रक्षा है।
इसी कड़ी में शिक्षक पोखन लाल चंद्राकर ने बच्चों से कहा कि रक्षाबंधन का अर्थ है – रक्षा का बंधन। इसका इतिहास बहुत प्राचीन है। रानी कर्णावती ने हुमायूं को, द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को राखी बांधी थी। आज के युग में इसका अर्थ बदल गया है। रक्षा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा, शिक्षा की सुरक्षा और बेटियों के सम्मान की सुरक्षा भी है। मैं अपने सभी छात्रों को संकल्प दिलाता हूँ कि वे अपनी बहनों, सहपाठिनियों और समाज की हर बेटी की इज्जत और शिक्षा की रक्षा करेंगे। यही सच्ची राखी होगी।
इस अवसर पर प्रधान पाठक डीगेश कुमार ध्रुव, शिक्षक पोखनलाल चंद्राकर एवं शिक्षक योगेश कुमार मधुकर सहित समस्त छात्र-छात्राएं विशेष रूप से उपस्थित रहे।