संपादक कुंज कुमार रात्रे
महासमुन्द रायपुर प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ, के तत्वावधान में 1998-99 में नियुक्त शिक्षा कर्मियों के द्वारा प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर तुता मैदान, नया रायपुर में विशाल सत्याग्रह आंदोलन किया गया। इस आंदोलन में प्रदेश भर से लगभग 5000 शिक्षक सम्मिलित हुए।
सत्याग्रह को *प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज किशोर तिवारी, प्रांतीय सचिव नवीन चंद्राकर, रायपुर संभाग अध्यक्ष खेदुराम चंद्राकर एवं महासमुंद जिला अध्यक्ष अनिल ढीढी* ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि यह बहुत बड़ी विडंबना है कि *जितने भी शिक्षक अर्द्धवार्षिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें वर्तमान में कुछ भी नहीं मिल रहा है। वर्षों की सेवा के बाद शून्य में सेवानिवृत्ति होना* अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षकों ने अपना पूरा जीवन शिक्षा विभाग को दे दिया, आज वृद्धावस्था में उन्हें पेंशन तक नसीब नहीं हो रही।
संघ ने बताया कि *माननीय सुप्रीम कोर्ट का भी स्पष्ट आदेश है कि 2004 के पूर्व जिस भी कर्मचारी की किसी भी पद पर नियुक्ति हुई हो, उसे पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए।* इसके बावजूद 1998-99 के शिक्षा कर्मियों को इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है, जो न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।
कार्यक्रम का संचालन *प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के क्रांतिकारी प्रवक्ता प्रेमचंद डड़सेना* ने किया।
आंदोलन में विकासखंड महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली के शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए। जिसमें प्रमुख रूप से ब्लॉक अध्यक्ष महासमुंद राजकुमार आंवले, बागबाहरा से प्रेमचंद डड़सेना, पिथौरा से पुकराम कुर्रे, बसना से धनेश्वरी कुर्रे, सरायपाली से अनिल पटेल, भुनेश्वर साहू, श्यामलाल मन्नाडे, रूपसिंह ठाकुर, छविराम साहू, शिवनारायण तिवारी, सत्य प्रकाश साय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
अंत में *प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ* ने शासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी उग्र रूप दिया जाएगा।
*भवदीय*
*अनिल ढीढी*
जिला अध्यक्ष, महासमुंद
*प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ, छत्तीसगढ़*