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धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपए की वृद्धि किसानों के लिए अपर्याप्त. नीरज

रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे महासमुन्द केंद्र की मोदी सरकार द्वारा धान के समर्थन मूल्य (MSP) में 72 रुपए की राशि की वृद्धि बेहद अपर्याप्त है l कृषि कार्यो के उपकरणों …सहित डीजल ….उर्वरकों में मूल्य वृद्धि के चलते यह वृद्धि बेहद अपर्याप्त है उक्त बातें पूर्व जिला कांग्रेस प्रवक्ता नीरज परोहा तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति में कही l

पूर्व जिला प्रवक्ता ने आगे कहा कि एक तरफ केंद्र की सरकार राज्य की प्रमुख फसल धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपए की बढ़ोतरी कर स्वयं ही किसानों के हितैषी होने का प्रचार प्रसार कर रही है दूसरी तरफ कृषि कार्य मे उपयोग होने वाली वस्तुओं जैसे डीजल रासायनिक खाद ,प्रामाणिक बीज मजदूरी दर सिंचाई कार्य के मूल्यों में वृद्धि कर कृषकों पर कृषि कार्य का लागत मूल्य में बढ़ोतरी के चलते उपज के समर्थन मूल्य से कही अधिक का भार आ जाता है l सरकार इन बातों से चुप्पी साध कर केवल समर्थन मूल्य वृद्धि की वाह वाही में लगी है l सत्ता में विराजमान सत्ताधीशों को शायद इस बात की जानकारी नही है कि वर्तमान समय मे बड़े कृषकों के साथ मध्यम और छोटे रकबे के किसान बैलगाड़ी व हल का उपयोग ना करके डीजल चलित मशीनों को किराए से लेकर…धान बोना काटना और मिजाई का कार्य संपन्न करते है l डीजल की आपूर्ति नियमित ना होने व कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उपज का सभी कार्यो के वहन के बाद एक मामूली रकम किसानों को मिलती है जो उनके अर्ध वार्षिक श्रम दर से बेहद कम है l

पूर्व प्रवक्ता ने आगे कहा कि समर्थन मूल्य में वृद्धि को घोषणा केवल किसानों को घाव देने व राजनैतिक लाभ लेने के कार्यो में है l पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा 2500 रुपए क्विटल के अतिरिक्त जब जब समर्थन मूल्य बढ़ा तब तब समर्थन मूल्य की राशि जोड़ कर भुगतान किया गया जो किसानों को लाभ देने जैसा था l

 


 

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