Blogछत्तीसगढ़

रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे महासमुन्द ग्राम बंबूरडीह, स्थित शासकीय एवं सिलिंग भूमि पर छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्य एवं उद्योग को आबंटित किये जाने पर आपत्ति बाबत् ।

विष्यान्तर्गत लेख है कि ग्राम बंबूरडीह, प.ह.नं. 20, रा.नि.मं. पटेवा, तहसील व जिला महासमुन्द में खसरा नं. 932, 940, 944, 974 रकबा क्रमशः 1.68, 4.010, 1.330, 0.080 हे. कुल खसरा नं. 04 कुल रकबा 7.10 हे. भूमि शासकीय एवं सिंलिंग भूमि है। उक्त भूमि पर एतिहासिक पर्वत है उक्त पर्वत में पर्रापाट देवालय है जो कि आस-पास के ग्रामवासियों के आस्था का केन्द्र है। उक्त भूमि से 5 कि. मी. की दूरी पर मुंगई माता पहाडी है जहां से जंगली जानवर ग्राम बंबूरडीह स्थित पहाड़ पर आकर विचरण करते हैं उक्त भूमि पर किसी प्रकार की उद्योग की स्थापना की जाती है तो उक्त पहाड़ी पर स्थित जंगली जानवरों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो जावेगा। तथा उक्त भूमि चारागाह के लिए सुरक्षित भूमि है। उक्त भूमि को किसी उद्योग एवं आश्रम के लिए आबंटित न किया जावे यदि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव द्वारा ग्रामीणों की बिना जानकारी के प्रस्ताव दिया जाता है तो उसकी जवाबदारी सरपंच व सचिव की होगी। यदि ग्रामवासियों के बिना जानकारी के उक्त भूमि को उद्योग या आश्रम के लिए आबंटित किया जाता है तो हम समस्त ग्रामवासी उग्र आंदोलन के लिए वाध्य होंगे जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।

उक्त भूमि को किसी भी उद्योग या आश्रम के लिए आवंटित न किया जावे जिसमें हम समस्त ग्रामवासीयों को आपत्ति है।

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button