कुंज कुमार रात्रे वरिष्ठता पत्रकार
महासमुंद से 15 किलोमीटर दूर बरबसपुर क्षेत्र के खसरा नंबर 39 व 63 की लगभग 30 से 35 एकड़ भूमि पर वन विभाग द्वारा चार से पांच वर्ष पूर्व वृक्षारोपण किया गया था। इस भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़-पौधे लगाए गए थे, जिससे न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहता । बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी बढ़ रही थी।
हालांकि, हाल के दिनों में इस क्षेत्र में अवैध रेत डंपिंग की गतिविधियां तेज हो गई हैं। रेत माफियाओं द्वारा बड़ी मात्रा में रेत यहां डंप की जा रही है, जिससे वृक्षारोपण को गंभीर क्षति पहुंची है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई पेड़ को काट, उखाड़ दिया गया या रेत के देर में दब गए हैं ताकि डंपिंग में कोई रुकावट न आए।
वन विभाग की इस मेहनत और लाखों रुपये की लागत से किए गए वृक्षारोपण को इस अवैध गतिविधि से भारी नुकसान पहुंचा है। पर्यावरणविदों और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, रेत डंपिंग को तुरंत रोका जाए और नष्ट हुए वृक्षारोपण की भरपाई के लिए वन विभाग द्वारा पुनः पौधारोपण किया जाए। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह न केवल पर्यावरणीय नुकसान होगा, बल्कि वन विभाग की योजनाओं पर भी सवाल उठेंगे। साथी बाजू में शमशान घाट बनाया गया था जिस पर भी अवैध डंपिंग किया जा रहा है ।।
