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 डॉ अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मौन धारण के साथ महापरिनिर्वाण दिवस मनाए 

रिपोर्टर कुंज कुमार रात्रे महासमुन्द: छत्तीसगढ़ सर्व अनुसूचित जाति समाज जिला इकाई महासमुन्द एवं भारतीय बौद्ध महासभा व जिला एडोवोकेट प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में 6 दिसम्बर को भारतीय संविधान के शिल्प कार भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर नगर के मध्य स्थित डॉ अम्बेडर जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण पश्चात उपस्थित नागरिकों के बीच डॉ अम्बेडकर जी द्वारा किये गए राजनीतिक व सामाजिक उत्थान व समाज सुधार में योगदान के साथ साथ भारत का संविधान लिख कर विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान देकर भारत को विश्व पटल उच्च दर्जा दिलाने वाले मसीहा को को याद किया गया। उनके जीवन विषम परिस्थितियों से भरा रहा उन सभी को लड़ते हुए देश के लिये अमूल्य व साहसिक कार्यो में से सबसे चुनौती पूर्ण कार्य स्वतंत्र भारत के लिये विस्तृत संविधान का लिखित मसौदा तैयार करना जिसमे प्रत्येक वर्ग समूह को न्यायोचित स्थान देना जिसे उन्होंने अपने सूझ बूझ के साथ अथक प्रयास से अपने सहयोगी समिति के सदस्यों के साथ भारतीय संविधान को तैयार कर भारतीय जनमन को अधिकार व कर्तव्यों का समन्वय के साथ देश की प्रगति के लिये विभिन योजनाओं की भी, संसद में रख कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर हम सब के लिये मार्ग प्रशस्त कर आज के दिन बुद्ध में समाहित होकर महानिर्वाण को प्राप्त हुये। अंत में सभी मौन धारण कर पुष्पांजली के साथ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। ततपश्चात बौद्ध बिहार में बुद्ध धम्म प्रार्थना के साथ श्रद्धांजलि सभा का समापन किया गया।

इस अवसर पर रेखराम बघेल जिलाध्यक्ष सर्व अजा समाज, देवेन्द्र मेश्राम जिलाध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा, एडवोकेट नन्द कुमार जोगी, प्रोफेसर जे पी खटकर,तुलेन्द्र सागर संरक्षक, दाऊ विजय बंजारे संरक्षक, अनिल ढ़ीढ़ी उपाध्यक्ष जिला अजाक्स, पी जी बंसोड़, रतन कामड़े, राजेन्द्र उके, आकाश खोब्रागड़े, राजेश रात्रे प्रगतिशील सतनामी समाज, उक्त विज्ञप्ति तुलेन्द्र सागर, जिला सचिव अजाक्स जिला संघ महासमुन्द द्वारा दिया गया।

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