संपादक कुंज कुमार रात्रे 
महासमुन्द नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी 5 दिवसीय चैतन्य देवियों की झांकी तुम गांव रोड़ स्थित स्थानीय सेवाकेंद्र उपकार भवन में सजाई गई, संध्या 6 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक भक्तों एवं श्रधालुओं द्वारा अवलोकन किया जा रहा है चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से अष्ट शक्तियों की पुनः प्राप्ति का रहस्य समझाया जा रहा है, चैतन्य देवियों की झांकी सजाने का मूल उद्देश्य ब्रम्हा कुमारी बहनों द्वारा समझाया जा रहा है, विशिष्ट अतिथि मनिषा ठाकुर रावटे सेनानी 20 वाहिनी , अश्वनी पूजा तिर्की एवं दिनेश्वरी नन्द 20 वाहिनी सेनानी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर झांकी का शुभारंभ किया गया, सेवाकेंद्र संचालिका ब्रम्हा कुमारी प्रिती दीदी ने चैतन्य देवियों की झांकी रखने का उद्देश्य बताया कि राजयोग मेडिटेशन साधना से एवं महिनों की तपस्या से शरीर और मन की एकाग्रता को बढ़ाना जो हमारे ब्रम्हा कुमारी बहने करतीं हैं , इस राजयोग मेडिटेशन से शरीर और मन पूर्ण रूप से नियंत्रण में रहता है इस चैतन्य झांकी से दर्शकों में यह सन्देश जाता है कि दैवी गुण केवल मूर्तियां में नहीं बल्कि हर मनुष्य के भीतर वास करते हैं , यहां चैतन्य झांकी हमें सिखाता है अपने भीतर की नकारात्मकता को छोड़ कर पवित्रता शान्ति प्रेम और दिव्य गुणों को अपनाना ,मां शैलपुत्री स्थिरता कि प्रतिक,मां ब्रह्मचारिणी पूर्ण पवित्रता का प्रतीक मा चंद्रघंटा आन्तरिक शान्ति का प्रतीक मा दुर्गा अपने अन्दर छिपे दुर्गुणों का नाश करने वाली मां लक्ष्मी परमात्म ज्ञान धन से सम्पन्न रहने वाली आदि यह चैतन्य झांकी समाज में नारी को वास्तविक शक्ति को उजागर कर दैवी शक्ति से सम्पन्न कर पूजनीय दैवी शक्ति बन सकतीं हैं ,
